रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के भाटनपाली गांव में हनुमान मंदिर को तोड़े जाने की घटना ने धार्मिक तनाव को जन्म दे दिया है। मंदिर तोड़े जाने से नाराज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गांव के एक चर्च के ऊपर लगे क्रॉस को हटाकर वहां भगवा झंडा फहरा दिया।
बजरंग दल का आरोप है कि मंदिर को ईसाई धर्म अपनाने वाले तीन ग्रामीण—निर्मल सारथी, सूरज सारथी और हीरा सारथी—ने जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है। संगठन ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने की साजिश बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी के मुताबिक, 28 मई को गांव के चर्च के सामने स्थित हनुमान मंदिर को तोड़ा गया था। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई और उन्होंने प्रदर्शन किया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत करने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चर्च में लगे क्रॉस को हटाकर वहां भगवा झंडा लहरा दिया। इस घटना से गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
बजरंग दल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा है और मंदिर को नुकसान पहुंचाना इसी साजिश का हिस्सा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन पुलिस की सतर्कता से फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।